The3rone

मई 17, 2014

वचन का तस्वीर – शास्त्र समझने के लिये चिन्ह – १

Filed under: God, Jesus, Spirit, life — the3rdone @ 3:11 अपराह्न
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यीशु, बाइबल का महत्व का वर्णन करते समय, जो अनन्त शास्त्रों है, कहा, मनुष्य केवल रोटी ही से नही परन्तु हर एक वचन जो परमेश्वर के मुह से निकलता है जीवित रहेगा। यीशु ने, रोटी, शास्त्रों, और भूख का, एक साथ विचार किया। यीशु, परमेश्वर का जीवित वचन, घोषित करता है कि वह जीवन की रोटी है, स्वर्ग से नीचे आया है, और वो जीवित रहेगा जो उसे खाएगा। उसी तरीके से, बाइबल मे पवित्र आत्मा ने उपयोग किया है “चित्र भाषा” का शास्त्र का वर्णन करते समय, जो परमेश्वर से प्रेरित है। अक्सर आध्यात्मिक सत्य चिह्न के प्रयोग से अधिक स्पष्ट रूप से दर्शाया जा सकता है। इन चिन्हों, जिससे मन में एक तस्वीर ले आता है कुछ सत्य को समझने की आसानी बनाता है। परमेश्वर खुद अपने ही शब्द का वर्णन करने के लिए चिन्ह चुना है। इन चिह्न हमें शास्त्रों को खुद की स्वभाव के बारे में और अधिक समझने में मदद करते है। विश्वासी के जीवन मे पवित्र आत्मा कैसे वचन का उपयोग करता है उन्होनें यह भी सहायता करता है। आईना –

mirror परमेश्वर के वचन मनुष्यों के ह्रदय को प्रगट करता है। यह हमारा इरादो और कार्य समझने मे सहायता करता है। बाइबल हमे बताता है –

  • हम जैसे है क्या
  • हम वैसे क्यो है
  • हम क्या करे (उस प्रकाशन से)

परमेश्वर से पता चला है पर कार्रवाई करने की जगह को हमें लाने के लिए शब्द का खुलासा शक्ति का उपयोग करता है। हम एक आईना मे खुद को देखने के बाद, अगर चेहरे पर गंदगी देखे तो क्या वहा से कुछ न करते हुए निकल जाएंगे, या रुक के चेहरे को साफ करके निकल जाए?

 

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